नए संसद भवन में पत्रकार ‘ग्लास हाउस’ में कैद इंडियन एक्सप्रेस में नीरजा चौधरी लिखती हैं: पुराने संसद भवन के गेट नंबर 12 के पास पत्रकारों के लिए बनाया गया नया “ग्लास हाउस”– अपनी सभी खूबियों के बावजूद – मीडिया...
अनिल चमड़िया समाचार माध्यमों में संविधान के अनुसार स्थापित संस्थाओं– यथा विधायिका, कार्यपालिका व न्यायापालिका से संबंधित सूचनाएं दी जाती है। इन समाचार माध्यमों का इस्तेमाल सरकारी संस्थाएं व नागरिक बतौर पाठक, दर्शक व श्रोता करते हैं। एक तरह से...
““किसी मकसद को ध्यान में न रखकर निष्पक्ष समाचार देना, समाज के हित में सार्वजनिक नीति का दृष्टिकोण प्रस्तुत करना , बिना किसी भय के बड़े से बड़े और ऊंचे से ऊंचे व्यक्ति के दोष व गलत मार्ग का पर्दाफाश...
पुष्टि क्या सरकारी शब्द है? मीडिया में पुष्टि का पक्ष क्या होता है? खबर के प्रकाशन और प्रसारण के बारे में यह एक पाठ है कि उसकी पुष्टि के बिना उसे लोगों के बीच प्रसारित व प्रकाशित नहीं करना चाहिए।...
करोबारी मीडिया सरकारी दफ्तरों, जांच एजेंसियों व अदालतों द्वारा की जाने वाली कार्रवाईयों की रिपोर्टिंग तो करता है लेकिन किसी मुद्दे पर कार्रवाईयों के लिए रिपोर्टिंग नहीं करता है। उनके मामलों में तो कार्रवाई के लिए रिपोर्टिंग बिल्कुल नहीं करता...
1878 में अंग्रेजी के लोकप्रिय समाचार पत्र द हिन्दू का प्रकाशन एक रूपया बारह आने का कर्ज लेकर शुरू किया गया था। साप्ताहिक के रूप में द हिन्दू आठ पेज में निकलता था और चार आने ( 25 पैसे) में...
हिन्दुस्तान टाइम्स की शुरुआत शाम को निकलने वाला टैब़ॉलाइट पत्र के रूप में 24 सितंबर 1924 को महात्मा गांधी ने की थी। इसकी तीस प्रतियां बिकती थी और चार सौ प्रतियां मुफ्त में बांटी जाती थी। अकालियों ने गुरुद्वारा आंदोलन...
गौरी लंकेश पत्रकार ही थीं, लेकिन इसे दबाना ठीक नहीं कि वह एक्टिविस्ट भी थीं। माने असल पत्रकार। वास्तव में, पत्रकारिता की यही विरासत है, जिसमें पत्रकारिता के भीतर एक्टिविज्म सांस की तरह चलता रहता है। पत्रकारिता के ‘क्रीमिलेयरों’ ने...
न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड ऑथोरिटी (एनबीएसए) के चेयरपर्सन न्यायाधीश आर. वी. रवीन्द्रन ने 31 अगस्त 2017 को जी न्यूज को 8 सितम्बर 2017 को रात नौ बजे अपना निम्नलिखित आदेश प्रसारित करने का आदेश दिया था। “ नई दिल्ली में आयोजित...
न्यूज ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन (एनबीए) ने न्यूज चैनलों के दर्शकों की शिकायत सुनने के लिए एक संस्था एनबीएसए बनाई है। यहां जिन दर्शकों की शिकायत पर टेलीविजन चैनलों की कार्रवाई से संतुष्टी नहीं होती है वैसे दर्शक एनबीएसए में अपील दायर...