ON : 25 August 2024
““किसी मकसद को ध्यान में न रखकर निष्पक्ष समाचार देना, समाज के हित में सार्वजनिक नीति का दृष्टिकोण प्रस्तुत करना , बिना किसी भय के बड़े से बड़े और ऊंचे से ऊंचे व्यक्ति के दोष व गलत मार्ग का पर्दाफाश...
ON : 25 August 2024
एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया की भूमिका एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) की स्थापना 1985 में की गई थी, जो भारतीय विज्ञापन उद्योग का एक स्व-नियामक संस्थान है। इसका काम भ्रामक विज्ञापन, अभद्र या आपत्तिजनक विज्ञापन, समाज को नुकसान...
ON : 25 August 2024
पुष्टि क्या सरकारी शब्द है? मीडिया में पुष्टि का पक्ष क्या होता है? खबर के प्रकाशन और प्रसारण के बारे में यह एक पाठ है कि उसकी पुष्टि के बिना उसे लोगों के बीच प्रसारित व प्रकाशित नहीं करना चाहिए।...
ON : 25 August 2024
डा. राम मनोहर लोहिया को मीडिया पर गुस्सा आता था। उन्होंने शर्मसार करने वाला एक किस्सा सुनाया। तब कलकत्ते में साम्प्रदायिक दंगे हो रहे थे और महात्मा गांधी ने कलकत्ते में उपवास किया था। तब एक दिन महात्मा गांधी ने...
ON : 17 August 2024
अनिल चमड़िया आम भारतीय समाज में शब्दों के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता का अकाल दिखता है। मीडिया को लेकर भी कई तरह के विशेषण का समय समय पर इस्तेमाल होता है। मोदी के शासन में ‘गोदी मीडिया’ का इस्तेमाल हो...
ON : 27 September 2014
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ON : 27 September 2014
छात्र चेतना और संकल्प को समर्पित पत्रिका छात्र विमर्श ने वरिष्ठ पत्रकार और समाजविज्ञानी अनिल चमड़िया द्वारा संपादित किताब मीडिया की सांप्रदायिकता की समीक्षा प्रकाशित की है। किताब की समीक्षा इंजीनियार सैफुल इस्लाम ने की है। समीक्षा आप यहां पढ़...
ON : 13 November 2014
खुद को इस्लामिक स्टेट (पहले आईएसआईएस या आईएसआईएल) कहने वाला कट्टरपंथी जिहादी समूह अन्य जिहादी गुटों से न सिर्फ़ ज़्यादा क्रूर है बल्कि इसका मीडिया संचालन भी ज़्यादा पेशेवराना है. आईएस मीडिया पर व्यवस्थित ढंग से अच्छा ख़ासा निवेश करता...