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    हिंदुस्तानी फ़िल्मी गीतों में स्त्री गायकी – अशरफ़ अज़ीज़

    ‘इतिहास संबद्धता की मांग करता है।’ – विल्फ्रिड शीड इस लेख का मकसद हिंदुस्तानी फिल्मी गीतों पर उनके सामाजिक और ऐतिहासिक संदर्भ में विचार करना है। यह विचार भारतीय समाज में स्त्री की स्थिति के प्रति रवैये को जानने, समझने...

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    पत्रकारिता का ऐतिहासिक पतन – पैट्रिक लॉरेंस

    द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मई 2016 में अपने सनडे मैगज़ीन में जो स्टोरी छापी थी, उसे मैं अब तक भुला नहीं पाया। हो सकता है कि आपको भी वह कहानी याद हो। यह ओबामा सरकार में “रणनीतिक संचार” के मुख्य...

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    बिहार में मीडिया, बाजार और समाज – श्रीकांत

    मीडिया और बाजार और उसके सामाजिक सरोकार के बारे में कुछ कहने के पहले कुछ बाते कहने की इजाजत चाहिए। पहली बात महात्मा गांधी से संबंधित है। गांधी जी दिल्ली में वायसराय से मिले थे और कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक...

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    लोकतांत्रिक अधिकार और डिजिटल तकनीक – अपर गुप्ता

    सवाल यह उठता है कि क्या डिजिटल तकनीक की इतने बड़े पैमाने पर तैनाती हमें वास्तव में सुरक्षित बनाती है, या यह केवल सुरक्षा का भ्रम पैदा करता है, बस. परियोजना विकास के दृष्टिकोण से भी भारत जैसे गरीब देश...

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    A letter in 1965 from Viyyur Central Jail

    The Home Minister misused his official position and made a broadcast to the nation. The senior leaders of the communist party had been detained without trial under the  D.I.R. The govt. had also adopted a way of disinformation and propaganda...

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    1867 बनाम 2023 का प्रेस कानून और राष्ट्रवाद का जंजीर – अनिल चमड़िया

    ‘प्रेस और नियत कालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक, 2023′ का राजनैतिक दृष्टिकोण राज्यसभा में 3 अगस्त 2023 को ‘प्रेस और नियत कालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक, 2023’ पारित किया गया है। संवैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद यह प्रेस एवं पुस्तक...

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    Har Roj

    Minorities and Dalits are the favorite punching bag of the media

    Ziya Us Salam In late July 2025, just a few kilometres from India’s capital, a Muslim woman was killed by her boyfriend in an OYO hotel over a marriage proposal. The two had been together for many years and the...

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    Har Roj

    Negotiating Modernity and Tradition: A Feminist Thematic Analysis of Women’s Representation in Chalte Chalte (2003)

    Exploring Empowerment, Identity, Socio-Cultural Dynamics, and Resistance in Indian Cinema Himanshu Joshi Rubina Verma ABSTRACT This study conducts a feminist thematic analysis of women’s representation in Aziz Mirza’s Chalte Chalte (2003), focusing on the protagonist, Priya (Rani Mukerji). Employing feminist...

  • Har Roj

    लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया कंपनी नहीं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है

    समाज नेतृत्व, नीति और नारों से निर्देशित होता है। यहां केवल हम नारों के महत्त्व को समझने की कोशिश कर सकते हैं। नारा एक संप्रेषण होता है, जिसमें प्रेरणा, उत्साह, उर्जा, दिशा, दृष्टि आदि जैसे भाव और विचार होते हैं।...

  • Har Roj

    आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्या है

      यह अध्याय न्यायिक और अदालत-प्रशासन के कामकाज से जुड़े एआई संबंधी शब्दों और अवधारणाओं को समझाता है। कानूनी शोध, रजिस्ट्री के कामकाज, केस मैनेजमेंट, अनुवाद सेवाओं और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं में एआई के बढ़ते उपयोग को देखते हुए एक...

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